वित्तीय सेवाओं के लिए ब्रांड स्पष्टता।
वित्तीय सेवाओं का उपयोगी ब्रांड एक ख़ास ऑडियंस और साफ़ बिज़नेस उद्देश्य से शुरू होता है। और डिज़ाइन बनवाने से पहले जाँचें कि क्या कोई विज़िटर बता सकता है कि बिज़नेस क्या देता है, किसके लिए है और समझदारी भरा अगला कदम क्या होगा।
वादा लिखने से पहले दर्शक तय करें।
वित्तीय सलाहकार और वित्तीय संस्थान एक ही ब्रीफ़ से शुरू नहीं करते। सत्यापित स्थिति, सेवा का साफ़ दायरा और जाँचा हुआ शैक्षिक कम्युनिकेशन। इंडस्ट्री के आम नारे की जगह अपने बिज़नेस की ख़ास स्थिति से शुरू करें।
पक्के तथ्यों को इच्छाओं से अलग रखें।
लिखें कि कौन-से दावे सबूत से समर्थित हैं, सबूत किसके पास है और प्रकाशन की मंज़ूरी कौन दे सकता है। योजना में शामिल क्षमता पूरा प्रोजेक्ट नहीं है; अंदरूनी उदाहरण किसी क्लाइंट की सफलता की कहानी नहीं है।
एक ही कहानी हर अहम जगह पर काम करे।
वेबसाइट, सरल भाषा के मैसेजिंग ढाँचे और पूछताछ संभालने वाली टीम की सामग्री की समीक्षा करें। अलग फ़ॉर्मेट में अलग विस्तार हो सकता है, पर मतलब वही रहना चाहिए।
सिर्फ़ प्रेज़ेंटेशन नहीं, हैंडओवर भी परखें।
अंतिम तय फ़ॉर्मेट, इस्तेमाल की गाइड, पहुँच का स्वामित्व और थर्ड-पार्टी सामग्री का स्रोत माँगें। काम शुरू होने से पहले एडिट करने लायक टेम्पलेट और संशोधनों की सीमा तय करें।
जो पहले से काम कर रहा है, उसे रखें।
समीक्षा का मतलब हमेशा रीब्रांड नहीं होता। ग़लत जानकारी सुधारना, एक पेज बेहतर करना या एक ऑफ़र को स्पष्ट करना ज़्यादा उचित शुरुआती दायरा हो सकता है।
आपके अगले ब्रीफ़ के लिए एक चेकलिस्ट।
- ऑडियंस और सेवा पोज़िशनिंग
- भरोसे पर आधारित पहचान प्रणाली
- सरल भाषा का मैसेजिंग ढाँचा
- मंज़ूर दस्तावेज़ और प्रेज़ेंटेशन टेम्पलेट
- प्रोडक्ट और सेवा का क्रम
- डिस्क्लोज़र के अनुकूल पेज लेआउट
प्रस्तावित कामकाजी ढाँचा, क़ानूनी, चिकित्सकीय या वित्तीय सलाह नहीं। पेशे से जुड़ी ज़रूरतों की समीक्षा किसी योग्य सलाहकार से करें।



